तूफान भी मुझसे टकराकर अपना रास्ता बदलते हैं,
सही को सही और गलत को गलत कहने की हिम्मत रखता हूँ… इसीलिए आजकल रिश्ते कम रखता हूँ
अगर दुनिया बन जाए दुश्मन तो इतना याद रखना
चलो आज फिर थोड़ा मुस्कुराया जाये ,.. बिना माचिस के कुछ लोगो को जलाया जाये ,…
यह शायरी उन लोगों के लिए है जो अपनी शर्तों पर जीते हैं। हर पंक्ति में बेखौफ अंदाज झलकता है, जो समाज के दबाव के आगे झुकने से इंकार करता है।
मैं वक्त के के पहियों को धीरे से चलते देखा है तो गैरों की बात करता है, मैंने अपनों को बदलते देखा है.. !
जो नहीं है हमारे पास वो ख्वाब है, पर जो है हमारे पास वो लाजवाब है… !
जिन्हें हमसे नफरत है वो भी हमें याद करते हैं, यही तो हमारी खासियत है…!
तेरी हैसियत क्या है ये जानने के लिए तुझे हमारे सामने आना होगा…!
और बिना माचिस के कुछ लोगों को जलाया जाए।
एटीट्यूड शायरी न केवल हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाती है बल्कि हमारे व्यक्तित्व और समाज में भी सकारात्मक प्रभाव डालती है। यह शायरी हमें अपनी भावनाओं को व्यक्त Attitude Shayari करने का एक सुंदर माध्यम प्रदान करती है। डिजिटल युग में एटीट्यूड शायरी का भविष्य और भी उज्जवल है और इसे हर पीढ़ी में पसंद किया जा रहा है।
क्या है जो हो गया हूँ मैं थोड़ा बहुत ख़राब
जिसको जो कहना है कहने दो अपना क्या जाता है,
हमारी खामोशी को कमजोरी मत समझना, जब हम बोलते हैं तो लोगों के होश उड़ जाते हैं…!